सहसपुर लोहारा – जिम्मेदार कर्मचारी गाँव गया नहीं और बना दिया गया प्रतिवेदन | जी हाँ आज हम एक ऐसी बात का खुलासा कर रहे हैं जिससे शासकीय दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर से लोगों का विश्वास कम तो होगा और साथ ही शासकीय कर्मचारियों की लापरवाही भी उजागर होगी |घटना सहसपुर लोहारा का है | सबसे पहले हम आपको यह बता दे कि यह जिला कबीरधाम का एक जनपद पंचायत एवं एक नगर पंचायत है | जिला मुख्यालय कवर्धा से लगभग 23 किलोमीटर की दूरी पर कवर्धा – राजनांदगाँव मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है |वाक्या कुछ इस तरह से है दिनांक 16 मार्च को सुपर समर्थन की चिट्ठी की टीम जब अपने किसी कार्य से नगर सहसपुर लोहारा स्थित कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग पहुँची तो वहाँ जो देखने को मिला उससे किसी भी समझदार व्यक्ति का भरोसा शासकीय दस्तावेजों से उठ जायेगा | वहाँ पहले से मौजूद एक पुरुष कर्मचारी और एक महिला कर्मचारी संबंधित गाँव में नहीं जाकर उस कार्यालय में आराम से बैठकर प्रतिवेदन तैयार कर रहे थे | जब हमनें उन लोगों से परिचय पूछा और काम के संबंध में जानकारी ली तो ये बातें सामने आई कि पुरुष कर्मचारी का नाम अविनाश ठाकुर है और महिला कर्मचारी का नाम श्यामा धुर्वे है | ये दोनों कर्मचारी महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंध रखते हैं | जिस स्थान में ये दोनों बैठकर प्रतिवेदन तैयार कर रहे थे वहाँ निर्माण कार्य से संबंधित विभागीय कार्यों के नाम से विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव आते हैं | इसी अवसर का अनुचित फायदा उठाते हुए ये दोनों कर्मचारी अपने काम एवं विभाग के लिए बिना गाँव गए प्रतिवेदन तैयार कर रहे थे | ये प्रतिवेदन इस संबंध में था कि संबंधित सरपंच के संबंधित ग्राम पंचायत में बाल विवाह का एक भी प्रकरण नहीं है |ऐसे संवेदनशील एवं गंभीर विषयों के प्रतिवेदन को संबंधित ग्राम एवं ग्राम पंचायत में बैठकर नहीं बनाया जा रहा था | उनके इस तरह के कार्य में उस समय ग्राम पंचायत कोसमंदा के सरपंच दीनदयाल साहू एवं ग्राम पंचायत सूरजपुर ( ह ) के सरपंच वेदप्रकाश धृतलहरे को भरपूर सहयोग करते हुए देखा गया |Post navigationअधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश जिला पंचायत में योजनाओं की गहन समीक्षा, बेहतर क्रियान्वयन के दिए गए निर्देश