जांजगीर-चांपा, 30 सितंबर 2026। ग्राम निर्माण के विकास की योजना अब स्थानीय ढांचे, उपलब्ध प्रारूपों और अवशेषों की योजनाओं पर ध्यान देते हुए अधिक प्रभावशाली एवं सहभागी तरीके से तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसी उद्देश्य से विकसित भारत जी राम जी के अंतर्गत पंचायत ग्राम योजना तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण एवं समीक्षा विद्यालय का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर, सहायक परियोजना अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर एवं तकनीकी सहायकों द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायत योजना को विकसित करने की प्रक्रिया से ग्राम सभाओं के माध्यम से वास्तविक संगीत को विकास योजना में शामिल करना शामिल है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय पोयाम ने अधिकारियों और मैदानी अमले को निर्देशित किया कि कुमार ग्राम पंचायत योजना तैयार करें और समय पर ग्राम पंचायत के वास्तविक ढांचे, उपलब्ध सामग्री और अवशेषों की साज-सज्जा को प्रमुखता दें। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा को योजना बनाकर निर्माण का आधार बनाया गया, अधिक से अधिक समीक्षा की जाए। उन्होंने वर्तमान धारा एवं जीआईएस आधारित मार्केटिंग के माध्यम से पंचायत ग्रामों में उपलब्ध परिसंपत्तियों, जल संसाधनों एवं अन्य सामग्रियों का चिन्हांकन तथा उनकी स्थिति का संग्रहण करने के निर्देश दिये। उन्होंने योजना में ऐसे श्रमिकों को शामिल करने की योजना बनाई है, जिसमें रोजगार, जल सुरक्षा, जल सुरक्षा और ग्रामीण संरचना को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जल संरक्षण एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए जल बजट की तैयारी की, अलग-अलग परिभाषाओं के अभिप्राय से प्रभावी एवं उद्यम विकास कार्य की योजना बनाई और निर्धारित प्रक्रिया एवं समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रशिक्षण में निहित धारा पोर्टल के उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। इसके माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध बस्तियां, जल जाति एवं अन्य दस्तावेजों का मानचित्रण करते हुए उनकी वर्तमान स्थिति का आंकलन किया जाता है। साथ ही स्थानीय प्रमाणन एवं विकास संबंधी कामियों की पहचान करने के लिए डिजिटल माध्यमों का चयन किया जा सकता है। जी मइस का आधार है मानचित्रण के माध्यम से सड़क, जल संरचना, अभिलेख एवं अन्य ग्रामीण संरचनाओं की वास्तविक स्थिति को समाहित करना आवश्यक आधार कार्यशाला की प्राथमिकता तय करने में मदद करना।

प्रशिक्षण में सहायक परियोजना अधिकारी गौरव शुक्ला एवं सहायक प्रशिक्षक विवेक अग्रवाल द्वारा विकसित ग्राम पंचायत योजना की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि पंचायत ग्राम विकास योजना तैयार करने में समय-समय पर जल एवं आवश्यकताओं का आकलन कर उसे भी महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। विकसित ग्राम पंचायत योजना की तैयारी में ग्राम सभा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है। नवीनतम से उनके स्थानीय बौद्ध, दार्शनिक सुझावों की जानकारी लेकर कार्य एवं उद्यम पर चर्चा की जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान पंचायत ग्राम योजना की मानक एवं मानक संचालन प्रक्रिया, ग्राम सभा मंज़ूरी, विभिन्न परिभाषाओं के अभिसरण, युक्तधारा, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधन प्रणाली, प्रबंधन प्रणाली सूचना, वस्तु एवं सेवा कर और कोषालय बिल शिक्षकों से संबंधित कार्यशालाओं की जानकारी विकसित की गई। इसके साथ ही सिक्युर एवं ई-मैप पुस्तिका 2.0 की कैटलॉग, कार्यप्रवाह एवं महत्वपूर्ण सहयोगियों के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम एवं प्रारूप पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में जिला पंचायत एवं जिला पंचायत स्तर से संबंधित अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक एवं लाइन विभाग से संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित अन्य क्षेत्रीय अमला उपस्थित रहते हैं।

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By Shailendra Gupta

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