मुंगेली, 11 सितम्बर 2025 । राज्य शासन की महत्वपूर्ण पहल युक्तियुक्तकरण योजना से न केवल शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि छात्र और शिक्षक अनुपात संतुलित होने से शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। युक्तियुक्तकरण के पश्चात कई अतिशेष शिक्षकों को काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से स्कूलों में पदस्थापना दी गई। पदस्थापना मिलने से शिक्षकों में उत्साह एवं खुशी स्पष्ट नजर आ रहा है।युक्तियुक्तकरण के पश्चात शासकीय प्राथमिक शाला करही में सहायक शिक्षिका के रूप में पदस्थ सुधारानी शर्मा ने बताया कि पहले वे शासकीय प्राथमिक शाला सुरदा में 17 वर्षों से सहायक शिक्षिका के रूप में पदस्थ थी। शासन की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के पश्चात शासकीय प्राथमिक शाला करही में उन्हें पदस्थ किया गया है। 17 वर्षों के पश्चात नए स्कूल में स्थानांतरित होने पर खुशी महसूस हो रही है। वे स्कूल में बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण से उन्हें काफी अच्छा प्रतिसाद भी मिला है, वर्ष 2025 में राज्यपाल रामेन डेका द्वारा उन्हें शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।बता दें कि शासकीय प्राथमिक शाला करही युक्तियुक्तकरण के पहले एकल शिक्षकीय स्कूल था, जहां एक शिक्षक के द्वारा स्कूल संचालित किया जा रहा था, अब युक्तियुक्तकरण के बाद स्कूल को दो शिक्षक मिल गए हैं, जिससे बच्चों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना आसान हो गया है। Post navigationशासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालन हेतु आवेदन 25 सितम्बर तक कवर्धा में बनेगी दिल्ली और रायपुर की तर्ज पर बहुप्रतीक्षित नालंदा लाइब्रेरी