बेमेतरा, 13 अक्टूबर 2025 । कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन एवं नेतृत्व में बेमेतरा जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार सृजन के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में तालाब निर्माण, गहरीकरण, रिचार्ज पिट, बोल्डर चेकडैम, स्टॉपडैम, एवं डबरी निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता से कराया जा रहा है। इन कार्यों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में जल संवर्धन, सिंचाई सुविधा का विस्तार और कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है। इसी क्रम में जनपद पंचायत बेरला के ग्राम पंचायत तिलई में भी जल संरक्षण संबंधी कार्यों के अंतर्गत डबरी निर्माण कराया गया। इस कार्य से ग्राम के किसानों को सिंचाई सुविधा प्राप्त हुई, जिससे उनकी कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

ग्राम पंचायत तिलई के कृषक महेन्द्र और राकेश कुमार ने बताया कि पहले वे वर्षा पर निर्भर खेती करते थे। बेमौसम बारिश और पानी की कमी के कारण हर साल फसलें खराब हो जाती थीं, जिससे आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं रह जाता था। जब ग्राम सभा में मनरेगा के तहत हितग्राही मूलक डबरी निर्माण की जानकारी दी गई, तो उन्होंने आवेदन कर योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव तैयार कर जनपद पंचायत बेरला को प्रेषित किया गया, स्वीकृति के पश्चात् कार्य प्रारंभ हुआ। डबरी निर्माण पूर्ण होने के बाद अब किसान अपने खेतों की सिंचाई स्वयं के जलस्रोत से कर पा रहे हैं। साथ ही डबरी में मछली पालन भी शुरू किया गया है, जिससे आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध हुए हैं। ग्रामीणजन बताते हैं पहले खेती केवल एक सीजन में ही होती थी, अब पूरे वर्ष भर सब्जी, धान और तिलहन की फसलें ले पा रहा हूँ। डबरी निर्माण से खेतों में नमी बनी रहती है और सिंचाई की दिक्कत खत्म हो गई है। मछली पालन से भी आमदनी बढ़ी है। अब मैं अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ बचत भी कर पा रहा हूँ। ग्रामीण राकेश ने बताया कि डबरी से उनके खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से उत्पादन में लगभग 30–40% की वृद्धि हुई है। अब वे गांव के अन्य किसानों को भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

कलेक्टर रणबीर शर्मा ने कहा कि जल संरक्षण बेमेतरा जिले की विकास नीति का एक प्रमुख हिस्सा है। जिले के सभी जनपद पंचायतों में जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्भरण एवं विस्तार के लिए मनरेगा और अन्य विभागीय योजनाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों से ग्रामीणों को न केवल रोजगार मिला है बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। हमारा उद्देश्य ‘हर खेत को पानी’ और ‘हर हाथ को काम’ के लक्ष्य को साकार करना है। मनरेगा के साथ-साथ जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से जिले के कई ग्रामों में तालाब गहरीकरण, सोख्ता गड्ढा निर्माण, जल पुनर्भरण संरचना एवं नाला रोक बांध (नाला बंधन) जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से भूमिगत जलस्तर में वृद्धि, सिंचाई क्षमता विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिला है। बेमेतरा जिला प्रशासन द्वारा संचालित यह अभियान जल संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बन रहा है।

 

 

 

 

 

 

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By Shailendra Gupta

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