बिलासपुर – देवी माँ का दर्शन करने हजारों भक्तों का तांता लगा रहा | नगर रतनपुर में स्थित देवी माँ महामाया के मन्दिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओ ने माँ का दर्शन किये और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की |
सबसे पहले हम आपको यह बता दे कि नगर रतनपुर जिला बिलासपुर का एक नगर पालिका परिषद है | यह नगर अपने जिला से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | इस नगर का अपना एक खास ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व है | नगर रतनपुर का करीबी रेलवे स्टेशन करगी रोड कोटा है | इस रेलवे स्टेशन से नगर रतनपुर की दूरी सड़क मार्ग से लगभग 20 किलोमीटर है |
नगर रतनपुर के चारों ओर देखने से ऐसा लगता है कि यह नगर प्रकृति की गोद में है | ऊँचे पहाड़ और जंगल की हरियाली आसपास के वातावरण की सुंदरता में चार चाँद लगाते हैं | देवी माँ महामाया का मन्दिर एक शक्तिपीठ है जिससे इसका बहुत अधिक धार्मिक एवं अध्यात्मिक महत्व है |
नवरात्रि के समय मन्दिर के आसपास सैकड़ो की संख्या में दुकानें लगती हैं | मन्दिर के मुख्य प्रवेश मार्ग से प्रवेश करने के बाद कुछ दूरी चलने के बाद देवी माँ का मुख्य मन्दिर है | मुख्य मन्दिर में प्रवेश से पहले भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलिंग लगाया गया है | रेलिंग वाले इस स्थान के ऊपर अनेक सिलिंग पंखे लगे हुए हैं जिससे भक्तों को गर्मी से भारी राहत मिलती है | एक छोटा सा तालाब भी इस स्थान से लगा हुआ है | करीब में एक से अधिक ज्योति कलश के कक्ष हैं | मुख्य मन्दिर में प्रवेश उपरांत देवी माँ के फोटो खीचने की मनाही है इसलिए हम अपने पाठकों के लिए बाहर से ली गयी तस्वीर पेश कर रहे हैं |
मुख्य मन्दिर के चारों ओर विभिन्न देवी – देवतावों की मूर्तियाँ हैं | निकासी द्वार के ठीक सामने (निकासी द्वार से अंदर की ओर देखने पर) माँ महिषमर्दिनी की मूर्ति है साथ ही इस द्वार के बाजू में देवी माँ महामाया की आरती फ्लेक्स में छपी हुई है | मुख्य मन्दिर के आसपास अनेक मन्दिर हैं जो दूर से ही देखने पर प्राचीन नजर आते हैं |
प्रदेश एवं देश के विभिन्न राज्यों से यहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं | देवी माँ का दर्शन करने के बाद उन्हें आत्मिक एवं अध्यात्मिक शांति की अनुभूति होती है |












