मुंगेली 23 जून 2025 । जिले में भूजल स्तर और पेयजल संकट से निपटने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा एवं राज्य सरकार की “मोर गांव-मोर पानी” अभियान के तहत कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में 203 निष्क्रिय (डीफंक्ट) नलकूपों को पुनः उपयोगी बनाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इसके लिए सैंड फिल्टर रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे वर्षा जल को भूगर्भ में पुनः प्रवाहित कर जल स्रोतों को फिर से सक्रिय किया जा सकेगा।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पांडेय ने बताया कि बोरवेल में सैंड फिल्टर रिचार्ज पिट का निर्माण तेजी से चल रहा है। बोरवेल को रिचार्ज करने जिले के तीनों विकासखण्डों में 265 निष्क्रिय बोरवेल की पहचान की गई है, जिनमें से 203 कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है, इनमें लोरमी विकासखंड के 45, मुंगेली विकासखंड के 86 और पथरिया के 72 बोरवेल शामिल हैं। अभी तक तीनों विकासखण्डों में 11 बोरवेल में सैंड फिल्टर रिचार्ज पिट निर्माण पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में 110 स्थानों पर कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष 83 स्थलों पर शीघ्र शुरुआत की जाएगी।

जल संकट से राहत की उम्मीद

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि यह परियोजना न केवल जलस्तर को पुनर्स्थापित करेगी, बल्कि ग्रामीणों को स्थायी पेयजल सुविधा भी सुनिश्चित करेगी। वर्षा जल के संरक्षण और भूजल के पुनर्भरण से दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। “मोर गांव-मोर जल” महाभियान जिले के लिए जल संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह पहल वर्षा जल को अधिक से अधिक रोककर ग्रामवासियों को आत्मनिर्भर बनाएगी और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित जल उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम होगा। उन्होंने बताया कि कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है और संबंधित अधिकारियों को कार्य को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

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By Shailendra Gupta

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