दुर्ग | अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने विशेष रूप से जोर दिया कि वास्तविक किसानों को धान बेचने के पश्चात भुगतान में समस्या न हो। इसके लिए मार्कफेड द्वारा 37500 करोड़ रूपये की व्यवस्था ऋण के माध्यम से की गई है। मार्कफेड द्वारा अपैक्स बैंक एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को निर्देशानुसार अग्रिम का अंतरण किया जाएगा। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में अंतरण किया जायेगा। (अन्य किसी के खाते में अंतरण नहीं किया जायेगा।) संयुक्त खाते की स्थिति में परिवार के सदस्य के खाते में भुगतान किया जाएगा। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कैश मैनेजमेंट के संबंध में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।साथ ही बैंकों में होने वाली अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए किसानों के बैंक एटीएम की लिमिट को 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार किया गया है। सभी सोसाइटीज में माइक्रो एटीएम की सुविधा भी दी जा रही है जिससे 10 हजार तक का आहरण किया जा सकता है।Post navigationखरीफ विवरण वर्ष 2024-25 धान उपार्जन एवं निराकरण हेतु संभागस्तरीय बैठक संपन्न पंजीयन प्रक्रिया पर करें फोकस ताकि अनियमितता और धोखा-धड़ी से किसानों को मिले राहत